Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
बेटे के बयान से बरी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 23 साल बाद आरोपी को निर्दोष माना
23 साल बाद बरी हुआ आरोपी, बेटे के बयान बदलने से हत्या केस में नया मोड़
27 Feb 2026, 12:44 PM Uttar Pradesh - Prayagraj (Allahabad)
Reporter : Mahesh Sharma
Prayagraj (Allahabad) करीब तेईस वर्षों तक जेल की सजा काटने के बाद एक व्यक्ति को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना आवश्यक है। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद आरोपी की रिहाई का आदेश दिया गया, जिससे इस मामले ने न्यायिक प्रक्रिया पर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

यह मामला वर्ष 2003 का है, जब एक व्यक्ति पर घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या करने का आरोप लगा था। पुलिस जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और निचली अदालत ने उसे दोषी मानते हुए सजा सुना दी थी। उस समय घटना का एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी आरोपी का पांच वर्षीय बेटा था, जिसके बयान को मुख्य साक्ष्य माना गया।

बाद में जब मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो सुनवाई के दौरान अब वयस्क हो चुके बेटे ने अपने पुराने बयान से पलटते हुए कहा कि उसने बचपन में दबाव में आकर पिता के खिलाफ बयान दिया था। उसने अदालत को बताया कि घटना के समय वह बहुत छोटा था और उसे सही परिस्थितियों की समझ नहीं थी। उसके इस नए बयान ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।

खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि घटना बेहद गंभीर और दुखद थी, लेकिन केवल संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में असफल रहा, जिसके कारण आरोपी को दोषमुक्त किया जाना उचित है।

करीब दो दशकों से अधिक समय जेल में बिताने के बाद आरोपी की रिहाई ने न्याय प्रणाली की धीमी प्रक्रिया और साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर चर्चा तेज कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में जांच और गवाही की विश्वसनीयता बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि एक छोटी गलती किसी व्यक्ति का पूरा जीवन बदल सकती है।

रिहाई के बाद आरोपी के सामने नई जिंदगी शुरू करने की चुनौती होगी। इतने लंबे समय तक जेल में रहने के कारण सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। यह मामला इस बात का उदाहरण बन गया है कि न्याय में देरी किसी निर्दोष व्यक्ति के जीवन पर कितना गहरा प्रभाव डाल सकती है।
ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement
Ad
Open

More News

thumb
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
thumb
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
thumb
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
thumb
संजू सैमसन की बल्लेबाजी पर उठे सवाल, गावस्कर ने लगातार एक जैसी गलती बताई वजह
February 27, 2026
thumb
अफगान संघर्ष के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने के दावों पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज
February 27, 2026
thumb
अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष तेज होने संकेत दिए
February 27, 2026
thumb
शराब नीति मामले में राहत मिलने पर अरविंद केजरीवाल भावुक, आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
February 27, 2026
thumb
तीन मोर्चों पर बढ़ा दबाव, पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की चुनौतियां हुईं गंभीर
February 27, 2026
thumb
होली 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, प्रेमानंद महाराज ने बताए सावधानी और उपाय
February 27, 2026
thumb
झारखंड नगर निकाय चुनाव परिणाम तय करेंगे शहरी राजनीति में किस दल का प्रभाव बढ़ेगा
February 27, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Open