Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
माता-पिता देखभाल पर सख्ती
लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की सैलरी से होगी कटौती तय
बुजुर्ग माता-पिता की अनदेखी पर सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में कटौती करेगा तेलंगाना प्रशासन जल्द
27 Feb 2026, 12:18 PM
Telangana
-
Hyderabad
Reporter :
Mahesh Sharma
Hyderabad
तेलंगाना सरकार बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए एक नया नियम लागू करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने वृद्ध माता-पिता की उचित देखभाल नहीं करता पाया गया, तो उसकी सैलरी से लगभग 15 प्रतिशत तक की कटौती की जा सकती है। सरकार का मानना है कि इस कदम से पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और बुजुर्गों को बेहतर सहारा मिलेगा।
राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित नीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में कई लोग अपने माता-पिता की जिम्मेदारी से दूर हो जाते हैं, जिससे बुजुर्गों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकार चाहती है कि सरकारी कर्मचारी समाज के लिए उदाहरण बनें और अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण करें।
प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के माता-पिता या अभिभावक प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराते हैं कि उनकी देखभाल नहीं की जा रही है, तो संबंधित मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मचारी के वेतन से निश्चित राशि काटकर माता-पिता को दी जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।
सरकार का यह भी कहना है कि इस नियम से बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। कई मामलों में देखा गया है कि वृद्ध माता-पिता को उनके ही बच्चे आर्थिक सहायता नहीं देते, जिससे उन्हें जीवन यापन में कठिनाई होती है। प्रस्तावित नियम ऐसे मामलों में राहत देने का माध्यम बन सकता है।
इसी कार्यक्रम के दौरान सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाने की घोषणा की। बताया गया कि राज्य के प्रशिक्षण संस्थान में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसके तहत विदेशी शिक्षण संस्थानों के सहयोग से अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक कौशल सिखाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नियम लागू होता है तो यह देश में अपनी तरह की एक अनोखी पहल होगी। इससे सामाजिक मूल्यों को मजबूती मिल सकती है और बुजुर्गों की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस प्रस्तावित नीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में कई लोग अपने माता-पिता की जिम्मेदारी से दूर हो जाते हैं, जिससे बुजुर्गों को आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकार चाहती है कि सरकारी कर्मचारी समाज के लिए उदाहरण बनें और अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण करें।
प्रस्ताव के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी के माता-पिता या अभिभावक प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराते हैं कि उनकी देखभाल नहीं की जा रही है, तो संबंधित मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर कर्मचारी के वेतन से निश्चित राशि काटकर माता-पिता को दी जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है।
सरकार का यह भी कहना है कि इस नियम से बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। कई मामलों में देखा गया है कि वृद्ध माता-पिता को उनके ही बच्चे आर्थिक सहायता नहीं देते, जिससे उन्हें जीवन यापन में कठिनाई होती है। प्रस्तावित नियम ऐसे मामलों में राहत देने का माध्यम बन सकता है।
इसी कार्यक्रम के दौरान सरकार ने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम उठाने की घोषणा की। बताया गया कि राज्य के प्रशिक्षण संस्थान में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इसके तहत विदेशी शिक्षण संस्थानों के सहयोग से अधिकारियों को आधुनिक प्रशासनिक कौशल सिखाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नियम लागू होता है तो यह देश में अपनी तरह की एक अनोखी पहल होगी। इससे सामाजिक मूल्यों को मजबूती मिल सकती है और बुजुर्गों की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
ADVERTISEMENT
Sponsored
More News
पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थामा, चुनाव से पहले सियासत गरमाई तमिलनाडु में
February 27, 2026
दिल्ली में आयुष्मान योजना का विस्तार, दिव्यांग और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा मुफ्त इलाज लाभ
February 27, 2026
अग्रिम जमानत पर फैसला अहम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई आज
February 27, 2026
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक संघर्ष तेज, हवाई हमलों और जवाबी कार्रवाई से हालात गंभीर बने
February 27, 2026
शादी के बाद पहली बार साथ दिखेंगे रश्मिका और विजय, नई फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता
February 27, 2026
अखिलेश के बयान पर रामभद्राचार्य मौन, सवाल सुनते ही कार का शीशा बंद किया
February 27, 2026
एआई अपडेट से स्टार्टअप बंद होने का दावा, फाउंडर ने बताया कैसे खत्म हुआ कारोबार अचानक
February 27, 2026
अफगानिस्तान को कड़ी चेतावनी पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संघर्ष तेज होने संकेत दिए
February 27, 2026
अफगान संघर्ष के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराने के दावों पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज
February 27, 2026
लखनऊ में खाद्य विभाग की बड़ी छापेमारी, नकली मसाले और खोया जब्त कर कार्रवाई
February 27, 2026
ADVERTISEMENT
Sponsored
Open
Loading more…