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छात्रा की मौत से सनसनी
सुसाइड नोट में पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जताई छात्रा
बागपत में आठवीं की छात्रा ने छोड़ा भावुक पत्र, पढ़ाई की चाह में दी जान
25 Feb 2026, 05:25 PM
Uttar Pradesh
-
Baghpat
Reporter :
Mahesh Sharma
Baghpat
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद दर्दनाक और भावनात्मक घटना सामने आई है, जहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना बागपत कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव की बताई जा रही है। इस घटना से परिवार सहित पूरे गांव में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
बताया जा रहा है कि छात्रा पढ़ाई में रुचि रखती थी और आगे की शिक्षा जारी रखना चाहती थी, लेकिन किसी कारणवश वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। घटना वाले दिन छात्रा ने सामान्य रूप से घर का काम किया और परिवार के सदस्यों के लिए चाय भी बनाई। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक बाहर न आने पर परिजनों को चिंता हुई और जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो छात्रा अचेत अवस्था में मिली।
परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद छात्रा की जेब से एक भावुक पत्र बरामद हुआ, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। पत्र में छात्रा ने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा था कि वह पढ़ाई करना चाहती थी। इस सुसाइड नोट से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि पढ़ाई से जुड़े किसी कारण या पारिवारिक दबाव के चलते उसने यह कठोर कदम उठाया होगा।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई सामने लाई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा शांत स्वभाव की थी और पढ़ाई में अच्छी मानी जाती थी। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकती है। घटना के बाद पूरे गांव में गहरा दुख और चिंता का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और किशोरों पर पढ़ाई और भविष्य को लेकर बढ़ता दबाव गंभीर मानसिक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की संवेदनशील भूमिका बेहद जरूरी होती है ताकि समय रहते बच्चों की समस्याओं को समझा जा सके।
बताया जा रहा है कि छात्रा पढ़ाई में रुचि रखती थी और आगे की शिक्षा जारी रखना चाहती थी, लेकिन किसी कारणवश वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। घटना वाले दिन छात्रा ने सामान्य रूप से घर का काम किया और परिवार के सदस्यों के लिए चाय भी बनाई। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। काफी देर तक बाहर न आने पर परिजनों को चिंता हुई और जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो छात्रा अचेत अवस्था में मिली।
परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद छात्रा की जेब से एक भावुक पत्र बरामद हुआ, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। पत्र में छात्रा ने अपने पिता से माफी मांगते हुए लिखा था कि वह पढ़ाई करना चाहती थी। इस सुसाइड नोट से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि पढ़ाई से जुड़े किसी कारण या पारिवारिक दबाव के चलते उसने यह कठोर कदम उठाया होगा।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सच्चाई सामने लाई जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा शांत स्वभाव की थी और पढ़ाई में अच्छी मानी जाती थी। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकती है। घटना के बाद पूरे गांव में गहरा दुख और चिंता का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और किशोरों पर पढ़ाई और भविष्य को लेकर बढ़ता दबाव गंभीर मानसिक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की संवेदनशील भूमिका बेहद जरूरी होती है ताकि समय रहते बच्चों की समस्याओं को समझा जा सके।
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