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सोशल मीडिया उपयोग पर खुलासा
किशोर उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों पर Meta रिपोर्ट सामने आई
सोशल मीडिया उपयोग पर Meta का खुलासा, इंस्टाग्राम पर किशोर देख रहे आपत्तिजनक सामग्री अधिक
24 Feb 2026, 10:40 AM
California
-
San Francisco
Reporter :
Mahesh Sharma
San Francisco
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किशोरों की गतिविधियों को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। Meta Platforms ने एक अदालत में दाखिल दस्तावेजों में बताया है कि बड़ी संख्या में किशोर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और कई बार वे आपत्तिजनक सामग्री भी देखते हैं। यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था और किशोरों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर नई बहस छेड़ सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार Instagram पर लगभग हर पांच में से एक किशोर उपयोगकर्ता किसी न किसी रूप में अश्लील या नग्न तस्वीरों जैसी संवेदनशील सामग्री देखता है। यह सामग्री अक्सर उन्हें सीधे खोजने के बजाय अन्य यूजर्स या सुझावों के माध्यम से दिखाई देती है। इस खुलासे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी और कंटेंट फिल्टरिंग प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया कंपनियां किशोर उपयोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण मानती हैं क्योंकि वे परिवारों के खरीदारी और तकनीकी फैसलों को प्रभावित करते हैं। इसी कारण कंपनियां युवा वर्ग को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखने पर विशेष ध्यान देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग किशोरों के मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने और संवेदनशील सामग्री के संपर्क में आने से व्यवहार और सोच पर असर पड़ने की आशंका जताई जाती है।
Facebook और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म भी Meta के ही स्वामित्व में आते हैं और इन प्लेटफॉर्म पर भी किशोर बड़ी संख्या में सक्रिय रहते हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए लगातार नए फीचर और निगरानी तंत्र विकसित कर रही है।
दुनिया के कई देशों में Meta पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि कंपनी युवाओं को अपने प्लेटफॉर्म पर अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित करती है। इस कारण सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों को लेकर कई बार जांच और कानूनी कार्रवाई भी हुई है।
इस खुलासे के बाद विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है। साथ ही सरकारों से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त नियम लागू करने की मांग उठ रही है ताकि किशोरों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार Instagram पर लगभग हर पांच में से एक किशोर उपयोगकर्ता किसी न किसी रूप में अश्लील या नग्न तस्वीरों जैसी संवेदनशील सामग्री देखता है। यह सामग्री अक्सर उन्हें सीधे खोजने के बजाय अन्य यूजर्स या सुझावों के माध्यम से दिखाई देती है। इस खुलासे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी और कंटेंट फिल्टरिंग प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया कंपनियां किशोर उपयोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण मानती हैं क्योंकि वे परिवारों के खरीदारी और तकनीकी फैसलों को प्रभावित करते हैं। इसी कारण कंपनियां युवा वर्ग को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़े रखने पर विशेष ध्यान देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग किशोरों के मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रभाव डाल सकता है। लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने और संवेदनशील सामग्री के संपर्क में आने से व्यवहार और सोच पर असर पड़ने की आशंका जताई जाती है।
Facebook और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म भी Meta के ही स्वामित्व में आते हैं और इन प्लेटफॉर्म पर भी किशोर बड़ी संख्या में सक्रिय रहते हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए लगातार नए फीचर और निगरानी तंत्र विकसित कर रही है।
दुनिया के कई देशों में Meta पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि कंपनी युवाओं को अपने प्लेटफॉर्म पर अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित करती है। इस कारण सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों को लेकर कई बार जांच और कानूनी कार्रवाई भी हुई है।
इस खुलासे के बाद विशेषज्ञों ने अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी है। साथ ही सरकारों से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त नियम लागू करने की मांग उठ रही है ताकि किशोरों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
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