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मकान में नमाज पर विवाद
पुराना समझौता टूटा, ग्रामीणों ने पलायन की चेतावनी दी
बरेली के मोहम्मदगंज गांव में मकान में नमाज पर विवाद, पलायन की चेतावनी से बढ़ा तनाव
17 Feb 2026, 11:18 AM
Uttar Pradesh
-
Bareilly
Reporter :
Mahesh Sharma
Bareilly
उत्तर प्रदेश के Bareilly जिले के बिशारतगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदगंज गांव में एक निजी मकान में सामूहिक नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। 17 जनवरी को हसीन मियां के मकान में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा नमाज पढ़े जाने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का कहना है कि दशकों पहले गांव में आपसी सहमति से एक समझौता हुआ था, जिसके तहत शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखने की बात तय की गई थी। स्थानीय हिंदू समुदाय का आरोप है कि हालिया घटनाक्रम उस पुराने समझौते का उल्लंघन है और निजी मकान को नियमित रूप से नमाज स्थल के रूप में उपयोग करने की कोशिश की जा रही है।
विवाद बढ़ने पर कुछ ग्रामीणों ने गांव छोड़ने की चेतावनी दी है। रूपवती नामक एक महिला सहित कई लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वे अपनी संपत्ति बेचकर पलायन करने को मजबूर होंगे। उनका तर्क है कि नई परंपरा शुरू होने से भविष्य में और बड़े धार्मिक ढांचे के निर्माण की आशंका है, जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है।
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मकान निजी संपत्ति है और उसमें इबादत करना उनका संवैधानिक अधिकार है। उनका दावा है कि किसी स्थायी निर्माण या मस्जिद घोषित करने की प्रक्रिया नहीं चल रही, बल्कि केवल सामूहिक नमाज अदा की गई थी।
मामले ने तूल पकड़ा तो कुछ हिंदू संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए पहले से तय नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है और दोनों पक्षों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं है, लेकिन माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि दशकों पहले गांव में आपसी सहमति से एक समझौता हुआ था, जिसके तहत शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सार्वजनिक धार्मिक गतिविधियों को निर्धारित स्थानों तक सीमित रखने की बात तय की गई थी। स्थानीय हिंदू समुदाय का आरोप है कि हालिया घटनाक्रम उस पुराने समझौते का उल्लंघन है और निजी मकान को नियमित रूप से नमाज स्थल के रूप में उपयोग करने की कोशिश की जा रही है।
विवाद बढ़ने पर कुछ ग्रामीणों ने गांव छोड़ने की चेतावनी दी है। रूपवती नामक एक महिला सहित कई लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो वे अपनी संपत्ति बेचकर पलायन करने को मजबूर होंगे। उनका तर्क है कि नई परंपरा शुरू होने से भविष्य में और बड़े धार्मिक ढांचे के निर्माण की आशंका है, जिससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है।
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि मकान निजी संपत्ति है और उसमें इबादत करना उनका संवैधानिक अधिकार है। उनका दावा है कि किसी स्थायी निर्माण या मस्जिद घोषित करने की प्रक्रिया नहीं चल रही, बल्कि केवल सामूहिक नमाज अदा की गई थी।
मामले ने तूल पकड़ा तो कुछ हिंदू संगठनों ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए पहले से तय नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है और दोनों पक्षों से संवाद की प्रक्रिया शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की हिंसक घटना की सूचना नहीं है, लेकिन माहौल संवेदनशील बना हुआ है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील की गई है।
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